पिठोरा चित्रकला, लोक परंपराओं और आदिवासी सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
पिठोरा चित्रकला भील-भीलाला समुदाय की एक पवित्र कला परंपरा है — यह केवल दीवार पर बनाई गई तस्वीर नहीं, बल्कि एक प्रार्थना है, एक कथा है, एक ब्रह्मांड है। आधुनिकता की आंधी में यह कला धीरे-धीरे लुप्त हो रही है। Bharat Ghumakkad Foundation इसे बचाने, कलाकारों को सम्मान दिलाने और इस कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रही है।
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